रामगंजमंडी। खैराबाद पंचायत समिति में कथित वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों को लेकर सियासत गरमा गई है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष पवन बाबेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दस्तावेजों के आधार पर पंचायत समिति के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कई भुगतान नियमों के विरुद्ध किए गए हैं और यदि निष्पक्ष जांच हो तो बड़े स्तर पर गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं।बाबेल ने आरोप लगाया कि पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर को गुमराह कर विकास अधिकारी समय सिंह मीणा द्वारा पेयजल आपूर्ति और सेनेटाइजेशन के नाम पर जेएस रिदिका एंटरप्राइजेज को 1 लाख 50 हजार और 1 लाख रुपए के दो भुगतान किए गए, जबकि दस्तावेजों में इन कार्यों को नियमित सफाई और बड़े नाले की सफाई के रूप में दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित फर्म की जांच कराई जाए तो कई और फर्जी भुगतान उजागर हो सकते है.नगर कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि खैराबाद पंचायत समिति की भूमि पर बिना विधिवत प्रस्ताव पारित किए कॉलोनाइजर को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पानी की टंकी का निर्माण करा दिया गया, जिससे पंचायत समिति को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ।
उन्होंने दावा किया कि यह सब स्थानीय भाजपा नेताओं के दबाव में हुआ।बाबेल ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी सचिव को दो से अधिक पंचायतों का प्रभार नहीं दिया जा सकता, जबकि संबंधित सचिव तीन पंचायतों का प्रभार दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सचिव पूर्व में भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा चुके हैं, फिर भी उन्हें जिम्मेदारी सौंपना गंभीर प्रश्न खड़े करता है।मनरेगा के आंकड़ों को लेकर भी बाबेल ने सवाल उठाए। उनका कहना है कि जहां सांगोद में 2,238 और सुल्तानपुर में 1,788 श्रमिक कार्यरत हैं, वहीं खैराबाद पंचायत समिति में यह संख्या 11,616 कैसे पहुंच गई, यह जांच का विषय है। उन्होंने फतेहपुर में आयोजित कथा स्थल का भी हवाला देते हुए कहा कि वहां करीब 1,000 श्रमिकों से कार्य कराया गया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। आरोप है कि उस कार्य के लिए मस्टरोल जारी ही नहीं की गई। मामला सड़क तक पहुंचने के बाद अब श्रमिकों को बुलाकर फोटो खिंचवाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे भुगतान की वैधता पर सवाल उठ रहे है.मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत 7 लाख 8 हजार रुपए की पहली किस्त जारी हुई थी, जिसमें से मात्र 2 लाख रुपए का कार्य हुआ और शेष निर्माण अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों ने 5 लाख रुपए के गबन का आरोप लगाते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी मीणा को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद पत्र क्रमांक 1104 जारी कर जांच के आदेश दिए गए, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।पवन बाबेल ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि रामगंजमंडी के भाजपा नेता मंत्री तक सही जानकारी नहीं पहुंचने दे रहे हैं।गोरतलब है कि
“दो गज दूरी” लगातार बीडीओ की कथित करस्तानियों का पर्दाफाश कर अलख जगाता रहा है, अब उन्ही मांगो को लेकर कांग्रेस नेता सक्रिय हुए है, आने वाले समय में पंचायत समिति खैराबाद बी डी ओ के कारनामोन की गूंज विधानसभा तक जा सकती है.




