Medical College in Jhalawar : कलेक्टर के आदेश भी हवा-हवाई,ऐसा क्या मीठा है जो जांच में दोषी पाए जाने पर भी नहीं हो रही कार्यवाही।
झालावाड़ ! श्री राजेन्द्र सिंह चिकित्सा एवं Medical College भ्रष्टाचार की दहलीज पर खड़ा है। राज्य की पुर्व मुख्यमंत्री व सांसद दुष्यंत सिंह के प्रयास से जिले की अनुपम उपहार को पुरी तरह भ्रष्टाचार में झौंक दिया है।


भ्रष्टचारियों के होंसले इतने बुलंद हैं की ना तो उच्च विभाग के निर्णय मानें जा रहै ना जिले के प्रथम नागरिक जिला कलेक्टर के आदेशों की पालना की जा रही है । हाल ही में हुए नियम विरुद्ध टेंडरो की जांच हो तो लाखों रुपए का घोटाला सामने आयेगा। बताया गया है दवा निर्माता कंपनी व दवा बिक्री करने वाली फर्म द्वारा झाड़ू बुआरे के बिल बने हैं ,यह नहीं सरकार द्वारा अधिकांश दवाये निशुल्क होने के पश्चात भी बाजारों से नीजी तौर तीस तीस हजार रुपए की दवाएं खरीद कर दो दो लाख रुपए के बिल बनाऐ जाने की सूचना प्राप्त हुई है। जिसकी उच्च अधिकारीयों की जानकारी में होने के पश्चात दबाने की कोशिश कि जा रही है। खैर यह जांच का विषय है। जांच होगी तो सब सामने आयेंगे लेकिन जो खेल पहले खेला गया और अभी खेला जा रहा है निश्चित रूप एक भवावह स्थिति है। जिस पर वर्तमान जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को संज्ञान लेकर भ्रष्ट व्यवस्था पर एक्शन लेना चाहिए। अकाउंटेंट मनोज कुमार गोयल पर वेतन अनियमिताएं करने में प्रमाणित रुप से 5094927 रुपये की वसूली बाकी है, सन् 2021के पश्चात चार डीन / नियंत्रक पदस्थापित हुए हैं जिन्होंने आज दिन तक इक्कावन लाख रुपए वसूले जाने की कोई कार्रवाई पर अमल किया न हीं एफ आई आर दर्ज करवाई गई।सुत्रो से प्राप्त समाचारों के अनुसार राजमेस के आदेश तो हवा में उडे ही सही लेकिन तत्कालीन झालावाड़ जिला कलेक्टर के आदेशों की परवाह भी नहीं कि गई है। बताते हैं तत्कालीन जिलाधिकारी एवम् कार्यकारी अधिकारी अध्यक्ष मेडिकल कॉलेज की भारती दिक्षित ने पत्र क्रमांक जे एम सी/ पीए/20-21/935 के द्वारा दिनांक 30/03/2021 को कार्यालय आदेश जारी कर निदेश जारी किये थे जिसमें दिनांक 25/03/2021 को एक फर्म द्वारा Medical College झालावाड़ की लेखा शाखा में कार्यरत लेखा कार्मिक द्वारा उसके बिल का भुगतान करवाने में विलंब की शिक़ायत की गई है। उक्त आदेश के पश्चात मनोज कुमार गोयल लेखाधिकारी झालावाड़ Medical College बिलों के भुगतान संबंधी कार्य नहीं करने के निर्देश दिए थे साथ में मनोज गोयल के स्थान पर बिलों की जांच व भुगतान संबंधी कार्य श्याम लाल मीणा को संपादित करने सुनिश्चित करने के आदेश जारी किये थे। दुसरा आदेश जिला कलेक्टर ने तत्कालीन डीन Medical College को पीए/ जांच/22/1220 दिनांक 16/12/2022 को निदैश दिये की Medical College में आमेलन के बाद भष्टाचार फैलने कोटा कांग्रेस के एक नेता की शिक़ायत प्रस्तुत करने पर उपखण्ड अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठन कर प्रकरण की जांच करवाई गई कमेटी द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में गंभीर प्रकृति की अनियमिताएं पाईं गईं। अतः कमेटी के मूल जांच प्रतिवेदन को संलग्न पत्र प्रेषित कर निदैशित किया जाता है कि गंभीर अनियमिताएं के लिए उत्तरदायी डॉ.अकिल हुसैन व मनोज गोयल के विरुद्ध कार्यवाही कर तीन दिवस में अवगत करवाते। यह स्पष्ट है 30/03/2021 के जिला कलेक्टर के आदेशों की धज्जियां Medical College प्रशासन द्वारा उड़ाई गयी डेढ़ साल के अन्तराल में जिला कलेक्टर का दूसरा पत्र साक्ष्य दे रहा है कि पहले आदेश पर कार्यवाही नहीं हुई तथा गंभीर विषय तो यह है अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। साथ ही नियमविरुद्ध अनियमित वेतन की इक्कावन लाख रुपए की वसूली करने में मेडिकल कालेज विफल रहा है। विचारणीय विषय है मनोज शर्मा जेसे लोगो ने झालावाड़ मेडिकल कालेज में भ्रष्टाचार कर कितनी बड़ी राशि को भ्रष्टाचार में झोंका होगा।
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