रामगंजमंडी.विधानसभा क्षेत्र मे जहां एक ओर पंचायत राज एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को प्रदेशभर में “दबंग नेता” के रूप में जाना जाता है, वहीं दूसरी ओर उनके ही विधानसभा क्षेत्र में नौकरशाही और उनके नुमाइंदे खुलेआम गरीबों की जेब काटने में बेखौफ नजर आ रहे हैं। ताज़ा मामला नगरपालिका सुकेत का है, जहां हाट टैक्स / तहबाज़ारी के नाम पर भोले-भाले ग्रामीण सब्जी विक्रेताओं से सरेआम लूट की जा रही है। इस लूट का सबूत अब सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के रूप में सामने आ चुका है, जिसमे लोग बोल रहे है की 20 रु की पर्ची देते है 40वसूलते है.न ठेका, फिर भी वसूली—ये कैसा राज?जानकार सूत्रों के अनुसार, नगरपालिका सुकेत में वर्ष 2025-26 के लिए तहबाज़ारी का ठेका अब तक हुआ ही नहीं है। नियम साफ कहते हैं कि बिना ठेके के न तो वसूली हो सकती है और न ही किसी निजी व्यक्ति को पैसा लेने का अधिकार है।इसके बावजूद बीते एक साल से लगातार वसूली की जा रही है और वह भी नगरपालिका के नाम पर।अब सवाल उठता है जब ठेका हुआ ही नहीं, तो पैसा किस अधिकार से लिया जा रहा है?जो 40 रुपये लिए जा रहे हैं, उनमें से 20 रुपये कहां जा रहे हैं?नगरपालिका की रसीद आधी रकम की, और वसूली दोगुनी,यह सीधा-सीधा घोटाला नहीं तो क्या है? इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात है नगरपालिका सुकेत के अधिशासी अधिकारी (EO) सांखला की रहस्यमयी चुप्पी।वीडियो सामने है, जनप्रतिनिधियों ने आवाज़ उठाई, फिर भी न वसूली रुकी,न जांच हुई,न किसी पर कार्रवाई.क्या EO सांखला किसी “सांकल” में बंधे हुए हैं, या फिर यह चुप्पी किसी बड़े संरक्षण की ओर इशारा करती है?जनप्रतिनिधि बोले… फिर डर गएसूत्र बताते हैं कि कुछ जनप्रतिनिधियों ने शुरुआत में इस मुद्दे पर बोलने की कोशिश की, लेकिन आगे लिखने-बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।क्या सत्ता का डर इतना हावी है कि गरीबों की लूट पर भी जनप्रतिनिधियों की कलम रुक जाती है?बोझा ढोते गरीब, और दबंग मंत्री का इलाकासबसे दर्दनाक तस्वीर उन गरीब ग्रामीणों की है, जो दूर-दराज के गांवों से बोझा ढोकर सुकेत हाट चौक पहुंचते हैं.केवल इसलिए कि परिवार का पेट भर सकें।उन्हीं से, दबंग मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में, नियमों की धज्जियां उड़ाकर खुलेआम पैसे ऐंठे जा रहे हैं।अब यह मामला केवल तहबाज़ारी मे अधिक वसूली का ही नहीं रहा, यह प्रशासनिक संरक्षण, राजनीतिक चुप्पी और गरीबों के शोषण का प्रतीक बन चुका है।अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह माना जाएगा कि सुकेत में लूट सिस्टम की सहमति से चल रही है।इस मामले मे ई ओ हेमेंद्र सांखला से कई बार उनका पक्ष लेने का प्रयास किया लेकिन फोन नहीं उठाया. उपनिदेशक कोटा से हुई बातचीत मे उन्होंने ई ओ सांखला के पत्रकारों के फोन न उठाने पर नाराजगी जताई है.
दबंग मंत्री के इलाके में बेखौफ लूटरे! सुकेत में तहबाज़ारी के नाम पर गरीबों से खुली वसूली,- ई. ओ. सांखला मौन क्यों?
On: February 11, 2026 11:56 AM
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