रामगंजमंडी ए.एस.आई. कंपनी के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज
रामगंजमंडी । कोटा स्टोन कारोबार में चर्चित ए.एस.आई. (ASI) कंपनी अब गंभीर आपराधिक आरोपों के घेरे में है। सुकेत थाना क्षेत्र में 1986 में खरीदी गई पैतृक जमीन को 2014 में कथित साजिश के तहत फर्जी दस्तावेजों से हथियाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 340(2), 338 और 62(2) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
‘नाम का खेल’, मालिक गायब!
परिवादी कल्याण मेघवाल का आरोप है कि ग्राम सातलखेड़ी के खसरा नंबर 166 की जमीन, जिसे उनके पिता स्व. कालू मेघवाल ने 1986 में खरीदा था, उसे हड़पने के लिए “हमनाम” व्यक्ति को आगे कर पूरा खेल रचा गया।
25 फरवरी 2014 कथित फर्जी व्यक्ति के नाम से मुख्तारनामा तैयार।
18 मार्च 2014 उसी आधार पर रजिस्ट्री की गईं.
तीन महीने बाद, जमीन कंपनी के ही एक अन्य कर्मचारी के नाम ट्रांसफर हो गईं.
आरोप है कि यह सब इस तरह किया गया कि असली वारिसों को भनक तक न लगे कागज़ों में मालिक बदला और जमीन हाथ से निकल गई।
ऑफलाइन रिकॉर्ड, ‘ऑनलाइन’ चाल!
शिकायत में दावा है कि उस समय रिकॉर्ड ऑफलाइन होने का फायदा उठाकर जमाबंदी और सरकारी दस्तावेजों में भी हेराफेरी की गई। क्षेत्रीय स्तर पर मिलीभगत के संकेतों की भी जांच हो रही है। परिवार का कहना है कि वे सालों से दर-दर की ठोकरें खा रहे थे, पर कार्रवाई अब जाकर हुई।
पुलिस का शिकंजा
सुकेत थाना प्रभारी महावीर प्रसाद भार्गव के अनुसार, ईमेल से मिली शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे कथित नेटवर्क दस्तावेज तैयार करने वालों से लेकर लाभार्थियों तक की भूमिका खंगाली जा रही है।
बड़ा सवाल: क्या यह एक अकेला मामला है या जमीन हड़पने का कोई संगठित पैटर्न?
रामगंजमंडी में चर्चा गरम है अगर आरोप साबित होते हैं, तो यह सिर्फ फर्जी रजिस्ट्री नहीं, बल्कि सुनियोजित ‘पेपर कूप’ साबित होगा।





