Former CM Vasundhara Raje Medical college in Jhalawar: वित्तिय सलाहकार होते हुए भी बाले बाले हो रहे टैण्डर, भुगतान।
सुरेश मोमिया
झालावाड़ l पुर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने प्रथम मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान जिले की जनता को सर्व सुविधायुक्त मेडिकल कालेज देकर सबसे बड़ी उपलब्धि पेश की थी। लेकिन बदलते वक्त ने इस मेडिकल कालेज को पैसे छापने की मशीन बना कर पुरी तरह भ्रष्टाचार के आगोश में चला गया। पुराने भ्रष्टाचार अपनी जगह है आडिट भी हो चुकी है लेकिन जांच होतो अरबों रुपए का घोटाले के दस्तावेज आज भी साक्ष्य दे रहे हैं। सभी को पता है हाल ही में कुछ चिकित्सको व आर ए सी एस भूमिका को लेकर विवाद हुआ था। सुत्र बताते हैं विवाद के पश्चात हटा दिया था। लेकिन स्टे लेकर झालावाड़ मेड़िकल कालेज में बकायदा आसीन हैं फर्क इतना पड़ा की उन्हें पावर मुक्त कर दिया। इस का फायदा उठाया यू टी बी अक्षय कुमार व पहले से विवादों के घेरे में चल रहे मनोज गोयल ने।
मनोज गोयल के ऊपर पहले से अनियमिताएं करने का आरोप है जिसका जयपुर न्यायालय में वाद चल रहा है जिस पर स्टे लगा हुआ तथा मुल पद कार्य करने के स्थान पर संविदा पर लगा हुआ है। सुत्र बताते हैं अक्षय कुमार अपने राजनीति पावर से मेडिकल कालेज में बतोर यूटीपी में लगा हुआ है, जानकारी के मुताबिक यूटीपी का कार्यकाल मात्र छ माह का होता है, लेकिन मेडिकल कालेज में करीब तीन साल हो गये है। सुत्र बताते उस पद की योग्यता भी नहीं । हालांकि यह मामले अलग है जिसको आगे प्रकाशित करेंगे। लेकिन वर्तमान में जो हो रहा है वो चोकाने योग्य है झालावाड़ मेड़िकल कालेज में अस्थाई कर्मचारी व विवादित संविदा कर्मी मिली भगत से टेंडर आमंत्रित कर रहे तथा बिना वित्तिय सलाहकार की मंजूरी के बड़ा खेल ,खेल रहे हैं। लाखों रुपए के सामानों की ख़रीद हो रही है भुगतान हो रहा है जिसमें वित्तिय सलाहकार साधू लाल मीणा की कोई भूमिका नहीं है। जबकि नियमानुसार वित्तीय सलाहकार के होते हुए संविदा कर्मी एवं यू टी बी बेस कर्मचारीयों के द्वारा किसी प्रकार की टेंडर प्रक्रिया एवं बिल पास करना नियम विरुद्ध है।
मामले की जांच उस स्तरीय राज मेष की टीम करती है निश्चित रूप से एक अपराध है जो शामिल लोगों जेल की हवा भी खिला सकता है।





