रासलीला में कांटों भरी राहों के बीच अटूट भक्ति का प्रसंग हुआ जीवंत, राधाष्टमी पर देर रात तक जुटी रही भीड़
डग। नगर के गणेश चौक पर गणेश उत्सव समिति के तत्वावधान में चल रही रासलीला के चौथे दिन मीरा भक्ति का भावपूर्ण प्रसंग मंचित किया गया। समिति अध्यक्ष हर्षित शर्मा के नेतृत्व में वृंदावन के नंदकिशोर शर्मा एंड पार्टी के कलाकारों ने धार्मिक प्रसंगों की सजीव झांकियों एवं अभिनय के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति और समर्पण का संदेश दिया।रासलीला में राधिका के भक्ति कीर्तन के बाद संतों के संग मीरा के जीवन प्रसंग का मंचन किया गया।

कलाकारों ने दिखाया कि किस प्रकार मीरा ने अनेक कठिनाइयों और कांटों भरी राहों को पार करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी अटूट भक्ति को बनाए रखा। मीरा की कृष्ण भक्ति और समर्पण का प्रसंग देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।राधाष्टमी पर राधारानी की महिमा का किया बखानरासलीला के दौरान राधाष्टमी पर्व का भी विशेष उल्लेख किया गया। कलाकारों ने राधारानी के जन्मोत्सव और भगवान श्रीकृष्ण के साथ उनके दिव्य प्रेम एवं भक्ति भाव का वर्णन करते हुए राधारानी की महिमा का बखान किया। बताया गया कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधाष्टमी मनाई जाती है। ब्रज क्षेत्र में इस पर्व का विशेष धार्मिक महत्व है और श्रद्धालु राधारानी को प्रेम, भक्ति एवं समर्पण की प्रतीक मानकर उनकी आराधना करते हैं।

राधा-कृष्ण के प्रसंगों ने रासलीला स्थल पर भक्ति का माहौल और अधिक भावपूर्ण कर दिया।गिरधर गोपाल के नाम का बताया अर्थकलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के नाम गिरधर गोपाल का अर्थ भी समझाया। बताया कि गोवर्धन पर्वत को धारण करने के कारण श्रीकृष्ण को गिरधर कहा गया, जबकि गायों का पालन करने वाले को गोपाल कहा जाता है। रासलीला के माध्यम से कलाकारों ने ब्रज की धार्मिक परंपराओं और कृष्ण भक्ति से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को जीवंत किया।मातृशक्ति सहित बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुरासलीला देखने के लिए नगर की मातृशक्ति सहित ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, बच्चे और युवा गणेश चौक पहुंचे। देर रात करीब 12 बजे तक श्रद्धालु रासलीला का आनंद लेते रहे। महिलाओं ने मीरा भक्ति और राधा-कृष्ण के प्रसंगों के माध्यम से धार्मिक परंपराओं को याद किया और कलाकारों के भावपूर्ण मंचन की सराहना की।





