रामगंजमंडी। नगरपालिका क्षेत्र को खुले में शौच मुक्त घोषित किए जाने के बावजूद वार्ड संख्या 34 की रेदास कॉलोनी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के रास्ते पर खुले में शौच और गंदगी की समस्या नगरपालिका की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

विद्यालय आने-जाने वाले छोटे बच्चों को रोजाना गंदगी और दुर्गंध के बीच से गुजरना पड़ रहा है।विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष राकेश वर्मा एवं रेदास कॉलोनीवासियों ने बताया कि समस्या को लेकर 23 जुलाई को नगरपालिका में शिकायत की गई थी। समाधान नहीं होने पर 5 अगस्त को स्मरण पत्र भी दिया गया, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। इससे पहले विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा भी 3 जुलाई 2026 को नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी को शिकायत दी जा चुकी है।
शिकायतें पहुंचीं, लेकिन गंदगी नहीं हटी
विद्यालय मार्ग पर कुछ मकानों के मालिकों एवं किरायेदारों द्वारा खुले में शौच किए जाने तथा आसपास गंदगी फैलाने की शिकायत सामने आई है। नालियों का गंदा पानी और कचरा भी समस्या को और गंभीर बना रहा है। विद्यालय के छोटे बच्चों को इसी रास्ते से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विद्यालय प्रबंधन और स्थानीय लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं तो मैदानी स्तर पर सफाई व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है?
सफाई निरीक्षक की भूमिका पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगरपालिका में नियमित सफाई निरीक्षक नहीं होने से सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वर्तमान में सफाई निरीक्षक का कार्य जिस कर्मचारी को सौंपा गया है, उसका मूल पद फायरमैन बताया जा रहा है। ऐसे में सफाई व्यवस्था की निगरानी, सफाई कर्मचारियों से काम करवाने और नियमित निरीक्षण की जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभाई जा रही है या नहीं, यह सवाल स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग और मौके पर निरीक्षण होता तो विद्यालय के ठीक सामने खुले में शौच और गंदगी की स्थिति लंबे समय तक बनी नहीं रहती।
एक स्कूल नहीं, शहर में दूसरी जगह भी यही हाल
खुले में शौच की समस्या केवल रेदास कॉलोनी के विद्यालय तक सीमित नहीं बताई जा रही है। शहर के मध्य पोस्ट ऑफिस के पीछे स्थित एक अन्य स्कूल के आसपास भी लोगों द्वारा खुले में शौच किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। विद्यालय प्रशासन द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होने की बात कही गई है। Odf (शौच मुक्त )का बोर्ड और जमीन पर गंदगी ! नगरपालिका को ODF घोषित किए जाने के बावजूद यदि स्कूलों के रास्तों पर लोग खुले में शौच कर रहे हैं तो यह केवल सफाई का मामला नहीं, बल्कि स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी और क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल है।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि केवल सफाई करवाकर खानापूर्ति करने के बजाय मौके पर निरीक्षण कर खुले में शौच करने वालों की पहचान की जाए, उन्हें नियमानुसार नोटिस दिया जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही विद्यालय मार्ग की नियमित सफाई, नालियों के गंदे पानी की निकासी तथा चेतावनी बोर्ड लगाने की व्यवस्था की जाए।बच्चों के स्कूल जाने वाले रास्ते को ही यदि गंदगी और खुले में शौच से मुक्त नहीं कराया जा सकता तो शहर की स्वच्छता व्यवस्था के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब देखना यह है कि सफाई व्यवस्था के जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों के कागज से बाहर निकलकर मौके पर कब पहुंचते हैं।





