खूनी मंगेतर: सात फेरों से पहले बिछाया मौत का जाल, 10 हजार की सुपारी दे उजाड़ा सुहाग!
कोटा पुलिस का सनसनीखेज खुलासा: ससुर और मंगेतर समेत 4 गिरफ्तार।
कोटा ग्रामीण जिस हाथ में मेहंदी लगनी थी, उसने खून की साजिश रची और जिसे जीवनसाथी बनाना था, उसे ही मौत के घाट उतरवा दिया। कोटा ग्रामीण पुलिस ने इटावा थाना क्षेत्र में हुए धर्मेंद्र सैन हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए रिश्तों के कत्ल की ऐसी कहानी सामने रखी है, जिसने इलाके को दहला दिया है। पुलिस ने मामले में मृतक की मंगेतर, होने वाले ससुर और दो सुपारी किलर्स को गिरफ्तार किया है। 8 दिन तक रची गई मौत की स्क्रिप्ट पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि यह कोई अचानक हुआ झगड़ा नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या थी। मृतक धर्मेंद्र की मंगेतर दीक्षा और उसके परिजन इस शादी से खुश नहीं थे। उन्होंने धर्मेंद्र को रास्ते से हटाने के लिए 8 दिन पहले ही योजना बना ली थी। आरोपी दीक्षा ने ‘इश्क का नाटक’ कर धर्मेंद्र को फोन किया और कहा— “शादी की खरीदारी करनी है, तुम अंगूठी का नाप देने आ जाओ।

“10 हजार में बिका ईमान, रास्ते में हुआ ‘डेथ अटैक’
मासूम धर्मेंद्र को खबर भी नहीं थी कि वह अपनी मौत की तारीख तय कर रहा है। 22 अप्रैल को जैसे ही वह गुणदी रोड पर पहुँचा, वहां पहले से घात लगाए बैठे सुपारी किलर मुकुट गुर्जर और उसके साथियों ने उस पर हमला बोल दिया। लाठी और लोहे के पाइपों से धर्मेंद्र को तब तक पीटा गया, जब तक उसकी सांसें उखड़ने नहीं लगीं। जांच में पता चला है कि इस खूनी खेल के लिए हत्यारों को मात्र 10,000 रुपये की सुपारी दी गई थी।
ऐसे बेनकाब हुए ‘अपने’
पुलिस की विशेष टीम और साइबर सेल ने जब मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) और मुखबिरों के जाल को खंगाला, तो शक की सुई मंगेतर और उसके पिता पर टिकी। सख्ती से पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
सलाखों के पीछे पहुंचे ये आरोपी
दीक्षा सैन: (कातिल मंगेतर) जिसने जाल में फंसाया।जोधराज सैन: (होने वाला ससुर) साजिश का मास्टरमाइंड।मुकुट गुर्जर: (सुपारी किलर) जिसने जान ली।धर्मेन्द्र मीणा: (सहयोगी हत्यारा)।”हमने पूरी टीम के साथ महज 3 दिनों में इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। फरार आरोपियों हेमंत और चेतन को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।”— सुजीत शंकर, एसपी, कोटा ग्रामीण





