रामगंजमंडी। शहर के बाजार नंबर 2 स्थित प्रतिष्ठित धनिया फर्म ‘रमणलाल मणिभाई एंड कंपनी’ और कांग्रेस के पूर्व पालिका अध्यक्ष मुकेश पटेल के ठिकानों पर बुधवार सुबह जीएसटी विभाग की टीम ने औचक कार्रवाई शुरू की। 10 से अधिक वाहनों में सवार होकर पहुंचे विभागीय अधिकारियों की इस अचानक कार्रवाई से स्थानीय व्यापारिक क्षेत्र में हलचल मच गई।

पारदर्शिता और सुदृढ़ कर प्रणाली की ओर कदमव्यापारिक जानकारों के अनुसार, देश में कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सुदृढ़ बनाने के लिए जीएसटी विभाग द्वारा इस तरह की जांच व सर्वे की प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं। सरकार और विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह से नियमों के अनुरूप संचालित हों, जिससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिल सके और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है, क्योंकि प्रभावित फर्म के संचालक कांग्रेस के पूर्व पालिका अध्यक्ष मुकेश पटेल हैं। इसके बावजूद, वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की वैधानिक कार्यवाहियों का उद्देश्य केवल कर अनुपालन की पुष्टि करना होता है.सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित धनिया फर्म का कारोबार केवल रामगंजमंडी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गुजरात सहित अन्य बड़े राज्यों में भी इसका व्यापक स्तर पर विस्तार है। विभाग की टीमें बुधवार सुबह करीब 10 बजे से शहर सहित कुल चार ठिकानों पर दस्तावेजों और खातों की गहनता से जांच कर रही हैं।चूंकि विभाग की ओर से समाचार लिखें जाने तक तक कोई आधिकारिक बयान या खुलासा नहीं किया गया है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह कार्रवाई किस विशेष मामले या तकनीकी अनियमितता के संबंध में की गई है।कार्रवाई के दौरान जीएसटी विभाग के अधिकारी पूरी तरह से गोपनियता बनाए रखते हुए कुछ भी कहने से बचते नजर आए। विभाग द्वारा आधिकारिक बयान जारी किए जाने के बाद ही इस पूरी छापेमारी की वास्तविक और विस्तृत स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल चारों ठिकानों पर विभाग की जांच कार्यवाही निरंतर जारी है।





